मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के तहत ली हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर की प्रगति की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आयुष विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में आयुष एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही, उत्तराखण्ड प्राकृतिक रूप से अत्यधिक समृद्ध राज्य है, यहां का वातावरण भी आयुष को बढ़ावा दिए जाने के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद को अपनाकर हम अपने जीवन को स्वस्थ बना सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में जगह के अनुरूप हर्बल गार्डन विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों के साथ उनके सम्बन्ध में जानकारी भी उपलब्ध करायी जा सकती है। आयुर्वेदिक अस्पतालों का स्वरूप भी इस प्रकार का रखा जाए, जिससे वहां का वातावरण शांत और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को परिभाषित करता हो। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में प्राईवेट इन्वेस्टर्स को भी बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से कैंसर अन्य विभिन्न रोगों का इलाज कर रहे प्राईवेट संस्थानों को प्रदेश में निवेश एवं अपने अस्पताल खोले जाने हेतु आमंत्रित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऐलोपैथी के समान आयुष में टेलीमेडिसिन को अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में आयुर्वेद और होम्योपैथी के फायदे के सम्बन्ध में अधिक से अधिक जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिक से अधिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में अच्छा कर रहे संस्थानों को अपने चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान कराते हुए लगातार ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वेलनेस सेंटर्स को कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी खोला जाना चाहिए। इससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसका लाभ ले सकेंगे और इसकी उपयोगिता को समझ कर अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष विभाग को आने वाले वर्षों के लिए अपना प्लान तैयार करना चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद की शिक्षा से जुड़े संस्थानों के लिए भी शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्णः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास देहरादून में उत्तराखण्ड स्वास्थ्य रोजगार सृजन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में नियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर 13 जिलों में 604 नए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी नवनियुक्त कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा आम जनमानस के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही वेलनेस सेन्टर ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों की अहम भूमिका रही। कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर्स इन सेंटरों के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने कहा देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दूर दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने 10 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देने का संकल्प लिया है। यह कार्यक्रम उसी संकल्प का एक हिस्सा है। वर्तमान में उत्तराखंड में करीब 1790 हेल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर कार्य कर रहे हैं और अब राज्य को 604 नए सीएचओ मिल गये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। भारत को ’विकसित राष्ट्र“ बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए हर क्षेत्र में नए- नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों में जनता के कार्यों के प्रति अधिक तत्परता आई है। “स्टार्टअप इंडिया“ अभियान ने देश के युवाओं के सामर्थ्य को पूरी दुनिया के सामने स्थापित कर दिया है। आज 80,000 से ज्यादा स्टार्टअप भारत में स्थापित किए जा चुके है। देश में रोजगार के कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। गाड़ियों से लेकर मेट्रो कोच, ट्रेन के डिब्बे, डिफेंस के साजो- सामान, मोबाइल फोन आदि के निर्यात में तेजी आई है। सभी सेक्टरों में निर्यात तेजी से बढ़ रहा है। आज का युवा स्वयं कार्य करने के साथ कार्य देने वाला भी बनना चाहता है। राज्य सरकार स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न कर रही है, “होम स्टे“ इस क्षेत्र एक बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष लगभग 19 लाख व्यक्ति हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में जांच हेतु आए और 07 लाख लोगों की मुफ्त जांचें की गई है। 5 लाख लोगों को टेली कंसल्टेशन सुविधा के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया है। राज्य सरकार द्वारा “जन आरोग्य अभियान- एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर“ का भी संचालन किया गया, जिसकी भारत सरकार द्वारा भी प्रशंसा की गई। अभियान के अन्तर्गत कार्यरत सी०एच०ओ० द्वारा लगभग 3.50 लाख व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया, जिनकी उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख व स्तन कैंसर, नेत्र जांच की गयी, साथ ही टी०बी० रोग से ग्रसित लोगों का उपचार भी किया गया। राज्य सरकार 2024 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नव नियुक्त सी०एच०ओ० हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों में आम लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी सेवाओं का सफल निष्पादन करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य सरकार मार्च 2023 तक हेल्थ सेक्टर में 10 हजार लोगों को नौकरी देगी, जिसमें नर्सिंग स्टाफ के 2900 पदों, ए.एन.एम. के 850 पदों, मेडिकल कॉलेजों में 339 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों, एमबीबीएस के 376 पदों, एन.एच.एम. के अंतर्गत 1600 लोगों की भर्ती के साथ ही विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त 2000 से अधिक तकनीशियनों के पदों पर भर्ती की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 1800 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं, जिनमें 1200 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात हैं जबकि आज 604 सीएचओ को नवीन तैनाती दी गई है। इसके साथ ही भारत सरकार के मानकों के अनुरूप राज्य के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की शत प्रतिशत तैनाती कर दी गई है। सभी सीएचओ वेलनेस सेंटरों में स्थानीय लोगों का चिकित्सा परीक्षण करेंगे साथ गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेंगे। उन्होंने नव नियुक्त सीएचओ को गांवों में जाकर स्वास्थ्य चौपाल लगाकर आम जनता का स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही वेलनेस सेंटर पर आने वाले लोगों को योग के प्रति जागरूक किये जाने की बात भी कही।

इस अवसर मेयर सुनील उनियाल गामा, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 हेम चन्द्र, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।