अब सप्ताह में 4 दिन चलेगी टनकपुर दौराई एक्सप्रेस, किराया भी होगा कम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने (वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से) टनकपुर – दौराई एक्सप्रेस को नियमित ट्रेन का दर्जा देते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ष्यह एक ऐतिहासिक पल है। कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों को अब लंबी दूरी तक बेहतर ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुगम होगी।

इस पहल से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा, क्योंकि स्थानीय उत्पादों को अधिक बाज़ार मिलेगा और वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नई गति मिलेगी। साथ ही, ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ योजना के तहत क्षेत्रीय हस्तशिल्प और विशेष उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।ष्

ऑल वेदर रोड परियोजना को और मजबूती दी जाएगी, जिससे सड़क संपर्क बेहतर हो और आवागमन अधिक सुगम हो सके।

इस पहल से क्षेत्र के आर्थिक विकास को बल मिलेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री, भारत सरकार ने कहा, ष्आज हिंदू नव वर्ष के शुभारंभ के साथ ही इस ऐतिहासिक रेल सेवा की शुरुआत हो रही है, जो लोगों को लंबी दूरी की सुगम यात्रा का अवसर प्रदान करेगी। टनकपुर रेलवे स्टेशन को नई पहचान और प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।

हम पर्वतीय इलाकों तक ट्रेन सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं। टनकपुर से बागेश्वर और रामनगर-चौखुटिया रेल लाइन का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में भी रेल सुविधा का विस्तार होगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर, ने जानकारी दी कि यात्रियों की सुविधा हेतु इस एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित संचालन 30 मार्च 2025 से टनकपुर से एवं 31 मार्च 2025 से दौराई से सप्ताह में चार दिन किया जाएगा।

15092 टनकपुर-दौराई एक्सप्रेस नियमित रूप से 30 मार्च, 2025 से प्रत्येक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को (सप्ताह में चार दिन) टनकपुर से 18.20 बजे प्रस्थान कर खटीमा से 18.45 बजे, पीलीभीत जं0 से 19.27 बजे, भोजीपुरा जं0 से 20.05 बजे, इज्जतनगर से 20.45 बजे, बरेली सिटी से 21.10 बजे, बरेली जं0 से 21.20 बजे, चन्दौसी से 23.30 बजे, दूसरे दिन मुरादाबाद से 00.45 बजे, गाजियाबाद से 03.20 बजे, दिल्ली जं0 से 04.40 बजे, दिल्ली कैण्ट से 05.17 बजे, गुड़गांव से 05.35 बजे, रेवाड़ी जं0 से 06.47 बजे, नारनौल से 07.58 बजे, नीम का थाना से 08.56 बजे, श्री माधोपुर से 09.25 बजे, रिंगस जं0 से 09.40 बजे, फुलेरा से 11.35 बजे, किशनगढ़ से 12.22 बजे तथा अजमेर जं0 से 13.20 बजे छूटकर दौराई 13.55 बजे पहुंचेगी।

वापसी यात्रा में 15091 दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस नियमित रूप से 31 मार्च, 2025 से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार को (सप्ताह में चार दिन) दौराई से 16.05 बजे प्रस्थान कर अजमेर जं0 से 16.35 बजे, किशनगढ़ से 17.07 बजे, फुलेरा से 18.00 बजे, रिंगस जं0 से 18.55 बजे, श्री माधोपुर से 19.07 बजे, नीम का थाना से 19.47 बजे, नारनौल से 20.37 बजे, रेवाड़ी जं0 से 22.05 बजे, गुड़गांव से 22.32 बजे, दिल्ली कैण्ट से 22.52 बजे, दूसरे दिन दिल्ली जं0 से 00.35 बजे, गाजियाबाद से 01.27 बजे, मुरादाबाद से 04.10 बजे, चन्दौसी से 05.15 बजे, बरेली जं0 से 06.35 बजे, बरेली सिटी से 06.50 बजे, इज्जतनगर से 07.06 बजे, भोजीपुरा जं0 से 07.21 बजे, पीलीभीत जं0 से 07.58 बजे तथा खटीमा से 08.45 बजे छूटकर टनकपुर 09.35 बजे पहुंचेगी।

इस एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा हेतु 16 आधुनिक एल.एच.बी. कोच लगाए गए हैं, जिनमें 01 जनरेटर सह लगेज यान, 04 साधारण द्वितीय श्रेणी कोच, 05 शयनयान श्रेणी कोच, 03 वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी श्रेणी कोच, 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच, 01 वातानुकूलित प्रथम सह द्वितीय श्रेणी कोच तथा 01 एल.एस.आर.डी. कोच शामिल हैं।

टनकपुर-दौराई एक्सप्रेस के संचालन से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के बीच यातायात सुगम होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

इस दौरान गोविंद सामंत (जिला अध्यक्ष, भाजपा), विपिन कुमार (अध्यक्ष, नगर पालिका टनकपुर), दीपक रजवार (विधायक प्रतिनिधि), रेखा देवी (अध्यक्ष, नगर पालिका बनबसा), हेमा जोशी (प्रदेश मंत्री, भाजपा), शिवराज सिंह कठायत (पूर्व दर्जा राज्य मंत्री), रोहतास अग्रवाल (वरिष्ठ नेता), पूरन सिंह मेहरा (जिला महामंत्री, भाजपा), वीणा सिन्हा, संजीव शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति सहित अन्य उपस्थित रहे।

सीएम ने किया तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से पुंगराऊँघाटी महोत्सव समिति पाँखु, पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित आदिशक्ति मां कोकिला कोटगाडी भगवती के पावन आशीर्वाद से पहले तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, खेल-कूद, शैक्षिक विकास और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। इस ऐतिहासिक पहल से हमारी सांस्कृतिक जडों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं बल्कि ये हमारी परंपराओं को जीवत रखते हैं, तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, साथ इससे स्थानीय कला व संस्कृति को नई पहचान भी मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय व्यस्तताओं के कारण वे स्वयं इस अवसर पर उपस्थित नहीं हो पाये, लेकिन उनका मन आप सभी के साथ है। शीघ्र ही वे माला कोटगाड़ी भगवती की पूजा अर्चना हेतु आयेंगे।

मुख्यमंत्री ने थल-धरमघर-पांखू मोटर मार्ग के निर्माण तथा बंद आई. टी.आई. को पुनः संचालन का आश्वासन देते महोत्सव के सफल आयोजन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि गाँवों को भी सशक्त बनाना है। इस दिशा में राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक कार्य भी हुए हैं। हमारी सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से गाँवों को आत्मनिर्भर बना रही है। डिजिटल इंडिया के तहत सुदूर गाँवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी लाई जा रही है, ताकि युवा ऑनलाइन शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार पर्यटन को ग्रीन इकोनॉमी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। होम स्टे योजना, और जैविक उत्पादों का बढ़ावा इस दिशा में अहम कदम है। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारी माताओं-बहनों को मिलने वाला है। इससे अब पहाड़ की बेटियां सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पर्यटन उद्यमी बनकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सशक्त बना रही है। मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं मण्डल के प्राचीन मंदिरों को संवारने का काम जोरों पर है। माँ कोटगाड़ी मन्दिर को भी इस मिशन के तहत द्वितीय चरण में विकसित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब श्रद्धालु हमारे पौराणिक मंदिरों में आएंगे, तो गांवों में आस्था के साथ-साथ रोजगार भी आएगा। छोटे-छोटे व्यापार, स्थानीय उत्पाद, और धार्मिक पर्यटन से पहाड़ के हर घर को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत हर गाँव की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज हमारे पहाड़ों की महिलाएँ हर्बल खेती, जैविक उत्पाद, बागवानी, और लोक कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं और सरकार द्वारा भी वोकल फॉर लोकल के तहत एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय लोगों हेतु स्वरोजगार के अवसर पैदा किये जा रहे हैं।

अल्मोड़ा में चिकित्सा एवं बहुउद्देशीय शिविर में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम अल्मोड़ा में आयोजित चिकित्सा एवं बहुउद्देशीय शिविर में प्रतिभाग किया। सेवा सुशासन और विकास की थीम पर आधारित इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों एवं आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि बीते तीन सालों में हमने राज्य को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत अल्मोड़ा की इस पुण्य धरा में आयोजित यह कार्यक्रम जन उपयोगी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में शपथ लेते ही उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक हम राज्य को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित और आत्मनिर्भर नहीं बना देते है तब तक चौन से नहीं बैठेंगे। हमने अब तक विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करने का प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य हित से जुड़े निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेेगी इसी का प्रमाण है कि हमने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके देश में नया कीर्तिमान बनाया है। राज्य में सशक्त भू कानून लाकर उत्तराखंड को संरक्षित करने का काम किया है। पिछले तीन वर्षों में उत्तराखण्ड में सेवा, सुशासन और विकास के नये आयाम स्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई कनेक्टविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों को इन्फ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का काम मजबूती के साथ किया है। पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा औद्यौगिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित ऐसी 30 नितियां बनाकर राज्य में निवेश को आकर्षित करने का कार्य किया है। जहां हम एक ओर राज्य की मुख्य समस्या पलायन से निपटने की दिशा में भी लगातार प्रयास कर रहे हैं वहीं रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में लगे विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह स्टाल मात्र औपचारिकता न रहे बल्कि इनके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में स्वामी विवेकानंद द्वार का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा के करबला में पहुंचकर राम कृष्ण मिशन द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद द्वार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी हमारे ही नहीं बल्कि विश्व के आदर्श हैं। हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

गौ सेवा कर जिला बछिया योजना का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर पशुपालन विभाग द्वारा प्रारंभ की गई जिला बछिया योजना का भी शुभारंभ कर गौमाता की पूजा की तथा गुड एवं चारा खिलाकर गौ सेवा एवं संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इस योजना की जानकारी दी तथा कहा कि इस योजना के तहत किसानों को ऐसी गाय दी जाएंगी जो यहां की भौगौलिक एवं वातावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को एक मजबूत एवं सशक्त राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल को बेमिसाल बताया तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की संकल्पना को दोहराया।

स्टालों के माध्यम से लोगों ने उठाया लाभ

इस कार्यक्रम में 50 विभागीय स्टाल लगाए गए थे। इन स्टालों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में राज्य में नवनिर्मित लागू कानून समान नागरिक संहिता के स्टाल के माध्यम से लोगों के विवाह पंजीकरण जैसे अनेक कार्य किए गए। चिकित्सा विभाग के स्टालों के माध्यम से लोगों की निशुल्क जांचें की गई तथा दवाएं दी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग उपकरण वितरित किए गए।

इस दौरान विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, रानीखेत प्रमोद नैनवाल, अल्मोड़ा मनोज तिवारी, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी सीएस मर्ताेलिया, अपर पुलिस अधीक्षक हरवंश सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा आम जनमानस उपस्थित रहे।

पूर्णागिरी मेले को वर्ष भर चलाने के लिए संकल्पित है राज्य सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ठूलीगाड़, टनकपुर (चम्पावत) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला 2025 का शुभारंभ किया। उन्होंने मां पूर्णागिरी को नमन करते हुए प्रदेश में समृद्धि, तरक्की और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान संपूर्ण पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में भीड़ व आपदा प्रबंधन की दृष्टि से स्मार्ट कंट्रोल रूम व सीसीटीवी निगरानी तंत्र ठुलीगाड़ में स्थापित किए जाने। पूर्णागिरि मेले हेतु सेलागाढ़ में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन बनाए जाने (जिसमें मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी व पुलिस के साथ ही चिकित्सकों को एक साथ एक स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी)। पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड़ में पूर्णागिरि पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाने एवं पूर्णागिरि क्षेत्र में ठुलीगाड़, बाबलीगाड़ पंपिंग परियोजना बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा इन घोषणाओं के माध्यम में इस क्षेत्र में विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भूमि को देवी- देवताओं का भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा माँ पूर्णागिरि धाम, उत्तराखंड का प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। उन्होंने कहा वो हमेशा अन्य लोगों को भी धार्मिक यात्रा के लिए माँ पूर्णागिरि आने हेतु आग्रह करते हैं। कुंभ और कांवड़ यात्रा के बाद सबसे अधिक श्रद्धालु माँ पूर्णागिरि के धाम पर आते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार मेले को वर्षभर संचालित करने के लिए संकल्पित है। जिसके लिए पूर्णागिरि धाम में स्थायी बुनियादी ढांचों का विकास किया जा रहा है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चम्पावत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का आग्रह करते हुए कहा कि हमने भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने के साथ यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव भी लेना चाहिए। राज्य सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। चम्पावत में 11 से बढ़ाकर 13 मल्टी-लेवल पार्किंग को स्वीकृति दी गई है, जिससे यातायात प्रबंधन सुगम होगा। टनकपुर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आईएसबीटी को विकसित किया जा रहा है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार इस सर्किट को सफल बनाने के लिए जिले में बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस पहल का उद्देश्य माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना एवं चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना है। जिसके निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्किट उत्तराखंड को धार्मिक एवं पर्यटन के नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार इसके लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और शीघ्र ही इस पर अमल शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी जिला बनाने का कार्य किया जा रहा है। कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किया जा रहे हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कैंपस का संचालन चंपावत में शुरू हो गया है। जिले के सभी विद्यालयों व महाविद्यालय का जीर्णाेद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 55 करोड़ की धनराशि से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिससे सभी विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी और नवाचार हेतु प्रेरणा मिलेगी। चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर है। 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हो गया है।जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा टनकपुर में 15 करोड़ की लागत से 50 बेड वाले आयुष अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। 28 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान के भवन निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार चंपावत में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही अपनी नीतियों और निर्णय के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आने वाले 25 सालों बाद मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कई गुना ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे। उस समय को ध्यान में रखते हुए सभी से इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प रखा है। टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगेंगे। बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आएंगे। उन्होंने कहा श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मेला समिति को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता में है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना ,अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो यह हमारा कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर अन्य लोगों को भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, प्र० जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

काशीपुर में सीएम ने किया रोड शो में प्रतिभाग, लोगों ने फूल वर्षा व पुष्प मालाओं से किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में भव्य रोड शो कर कार्यक्रम स्थल नगर निगम पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री धामी का काशीपुर की जनता, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा, मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर नगर निगम में आयोजित अभिनंदन समारोह में 48.61 करोड़ की लागत के 7 विकास कार्यों का शिलान्यास व 61.95 करोड़ की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान कुल 110.56 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री ने के.वी.आर अस्पताल से धनौरी तक व बिजनेस इन होटल से परमानन्दपुर लिंक मार्ग तक मार्ग चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण, वृक्षारोपण, भूमिगत विद्युतिकरण तथा स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य किये जाने। नगर निगम काशीपुर के सम्पूर्ण परिसर में पी.पी.पी. मोड़ में निगम कार्यालय भवन, आवासीय परिसर एवं शॉपिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य किये जाने। नगर निगम काशीपुर के नवीन निर्मित 17 वार्डों में अवस्थापना सुविधाओं सड़क, नाला/नाली, विद्युत एवं पार्क निर्माण कार्य कराये जाने। राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल, काशीपुर (छोटी जी०जी०आई०सी०) परिसर नगर निगम को हस्तानान्तरित करते हुये मुख्य बाजार मार्ग चौड़ीकरण एवं पार्किंग युक्त शापिंग काम्पलैक्स का निर्माण कराये जाने। वार्ड नं0-05 में शहरी विकास विभाग की भूमि पर गौशाला निर्माण कराये जाने। काशीपुर उप जिलाधिकारी कार्यालय के निकट राजकीय भूमि पर सर्किट हाउस बनाये जाने। काशीपुर स्पोटर्स स्टेडियम का आधुनिकीरण एवं पुनर्निर्माण कर नगर निगम काशीपुर द्वारा संचालन किये जाने। मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-500 का विस्तारीकरण कर गिरीताल सरोवर में साईकिल पैदल ट्रैक निर्माण, नौकायन, सजावटी विद्युती करण, सरोवर के अन्दर स्तम्भ निर्माण आदि कार्य किए जाने। तथा सरोवर का प्रबन्धन नगर निगम, काशीपुर को सौप जाने व राजकीय बालिका इण्टर कालेज का आधुनिकीकरण कर देवभूमि के राज्य स्तरीय मॉड कन्या इण्टरमीडिएट विद्यालय के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि काशीपुर में ट्रिपल इंजन की सरकार बनने पर काशीपुर की जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा राज्य सरकार काशीपुर की जनता द्वारा जताए गए भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेगी और विकास कार्यों को तीन गुना गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आज हमने काशीपुर के सर्वांगीण विकास हेतु लगभग 111 करोड रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये सभी परियोजनाएँ न केवल इस क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। जहां एक ओर, राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर, हम राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हम केदारखंड की भांति ही मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्गीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में हमने जहां एक ओर काशीपुर के चौती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर का हिस्सा बनाया है, वहीं हम यहां के विभिन्न प्राचीन मंदिरों और शिवालयों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण हेतु भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से काशीपुर के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज हमने जहां एक ओर अमृत योजना के अंतर्गत 37.50 करोड़ रुपए की लागत से 18 एम.एल.डी. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया है, वहीं, काशीपुर को स्वच्छ एवं सुंदर नगर बनाने के उद्देश्य से 14.29 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना का शिलान्यास भी किया है। यही नहीं, आज हमने काशीपुर क्षेत्र में विभिन्न मोटर मार्गों के पुनर्निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से शहर को आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करने हेतु भी विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया है। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों की भांति काशीपुर में भी हम लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को भी प्रोत्साहित करने हेतु प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा आज देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकारें हैं, जिनमें प्रत्येक काम के पूरा होने की पूरी गारंटी होती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु भी संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। एक ओर, उपज बढ़ाने हेतु तकनीकी के प्रयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी देकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर, किसानों को 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के देने के साथ ही दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि एवं बागवानी और मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘फार्म मशीनरी बैंक’ योजना के माध्यम से कृषि उपकरण खरीदेने हेतु 80 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश में गेहूं खरीद पर कृषकों को प्रति क्विंटल 20 रूपए का बोनस देने के साथ-साथ गन्ने के रेट में भी 20 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि मुझे ये बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद अब तक गन्ना किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से जो राशि भेजी गई है, वो पिछले 22 वर्षों में भेजी गई राशि से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम खाद्यान्न खेती के साथ ही सगंध खेती को भी बढ़ावा देने के लिए 6 एरोमा वैली विकसित करने पर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से रुकी हुई जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना फिर से प्रारंभ हो चुकी है, जिसका लाभ काशीपुर सहित संपूर्ण तराई क्षेत्र को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है, इसी का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने में भी हम अग्रणी राज्य बनकर उभरे हैं, हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय वोटबैंक की राजनीति के चलते हमारे राज्य की डेमोग्राफी के साथ सुनियोजित तरीके से खिलवाड़ करने का कार्य किया गया था, लेकिन, अब देश और प्रदेश में मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार है, जो देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। इसी संकल्प के साथ, हमने प्रदेश में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, साथ ही प्रदेश में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है, वहीं सख्त नकल विरोधी कानून द्वारा नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस संकल्प को साकार करने हेतु काशीपुर के आप सभी मेरे परिवारजन इसी प्रकार हमारी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान देते रहेंगे।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट व दीपक बाली ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया व क्षेत्र के विकास के 11 सूत्रीय मांगे रखी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबी वितरित की व आवास के लाभार्थियों के खाते में डालने के लिए 1.95 करोड़ का चेक महापौर को दिया।

मुख्यमंत्री ने नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना कार्य लागत 14.29 करोड़, नगर निगम सीमांतरगत 117 निर्माण कार्य लागत 18.60 करोड़, वार्ड नंबर 40 में ढेला नदी पर बाढ़ सुरक्षा व ट्रेचिंग ग्राउंड पिचिंग कार्य 4.89 करोड़ , प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी हेतु महुआखेड़ा गंज काशीपुर आवासीय परियोजना हेतु एमपीडीजी मार्ग किमी. 11 से इंडस्ट्रियल मार्ग, शमशान घाट होते हुए आदर्श नगर मे पीएम आवास योजना महुआखेड़ा गंज तक मार्ग का पुनरनिर्माण कार्य लागत 578.01 लाख, राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में जोशी मझरा बरखेड़ा पाण्डेय महुआखेड़ा गंज मार्ग का पुनःनिर्माण एवं सुधारीकारण कार्य लागत 367.10 लाख, राज्य योजना अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र जसपुर में भगवंतपुर रोड से बगीची मार्ग का पुनःनिर्माण कार्य लागत 92.68 लाख व रामनगर वन से बगीची मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य लागत 64.80 लाख का शिलान्यास किया। इसी तरह एबीसी सेंटर 1.00 करोड़, नगर निगम सीमांतरगत 64 निर्माण कार्यों 4.00 करोड़, नगर निगम परिसर में मॉड्यूलर रेन वाटर हार्वेस्टिंग 64 लाख, नगर निगम सीमांतरगत डाकिया गुलाबो में तालाब का पुनर्निर्माण सौंदर्यीकरण कार्य 38 लाख, अमृत योजना के अंतर्गत 18 एम एल डी के ेजच लागत 37.50 करोड़, नगर निगम मुख्य चौराहे पर निर्मित हाइटेक पिंक शौचालय लगत 22 लाख , राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में मुकन्दपुर पैगा ढकिया गुलाबो मार्ग का पुनःनिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 553.25 लाख का, जयतपुर मार्ग के किमी 10 व 11 में कंक्रीट पेचमेंट द्वारा पुनःनिर्माण कार्य लागत 518.26 लाख का, बंध मार्ग से जगन्नाथपुर कोसी फार्म मार्ग (हाथीकुंडा) लिंक मोटर मार्ग का पुनःनिर्माण एवं सुदृणिकर्ण कार्य लागत 351.62 लाख का, विधानसभा क्षेत्र गदरपुर के अंतर्गत भजुवा नगला से बांसखेड़ी होते हुए बेरिया बरैहनी मार्ग तक मार्ग का पुनः निर्माण एवं डामरीकरण कार्य लागत 176.22 लाख का, केशववाला से बाजपुर गाँव रेलवे क्रॉसिंग तक मार्ग का सुद्राणिकारण कार्य लागत 144.75 लाख व राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र जसपुर में (एन एच 74) के किमी 139 से जसपुर धामपुर (भूतपूरी) मार्ग के (किमी 01) को जोड़ने वाले क्षतिग्रस्त मार्ग का पुनःनिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य लागत 77.03 लाख का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, जिला अध्यक्ष गुंजन सुखीजा, राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, मुकेश कुमार, अनिल डब्बू, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, हरभजन सिंह चीमा, राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अपनी स्थापना से लगातार विश्वविद्यालय खेती में नए-नए प्रयोग कर कीर्तिमान स्थापित कर रहा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘17वें कृषि विज्ञान सम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण एवं कृषकों का उत्थान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रतिष्ठित सम्मेलन को देवभूमि उत्तराखंड की पुण्य धरा में आयोजित किया जा रहा है। ऐसे सम्मेलनों के द्वारा जहां एक ओर किसान भाईयों को कृषि से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, शोध परिणामों एवं उत्तम बीज-खाद आदि के विषय में जानने का अवसर प्राप्त होता है, वहीं दूसरी ओर यहां पर लगे विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से उन्हें औद्यानिकी, पशुपालन एवं जैविक खेती जैसी कृषि की अन्य विधाओं के बारे में भी विषय विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी मिलता है। उन्होंने कृषि जगत के इतने महत्वपूर्ण एवं प्रतिष्ठित सम्मेलन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड को कुशल एवं समृद्ध बनाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे है। आज मोदी सरकार द्वारा जहां एक ओर देश में विभिन्न योजनाओं, अभियान के माध्यम से कृषि उपज बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं, वहीं किसानों की आय में बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार भी प्रदेश के किसानों की उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के देने के साथ ही फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरण खरीदने एवं एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब के बागान लगाने पर 80 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही है। चाय बागान धौला देवी, मुनस्यारी एवं बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप परिवर्तित किये जाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सगंध खेती को भी बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। 6 एरोमा वैली विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं, नवाचारों एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से उत्तराखंड के किसानों को प्रशिक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इस बार के बजट में किसानों एवं पशुपालकों के उत्थान के लिए 463 करोड़ का रूपये का अलग से प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का उत्थान सुनिश्चित करने कि दिशा में गोविन्द बल्लभ कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर लम्बे समय से कार्य कर रहा है। 1960 से लेकर लगातार यह विश्वविद्यालय न केवल कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नए-नए शोध कार्य कर रहा है, बल्कि देश में प्रतिभावान वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की नई पौध को भी विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसी क्रम में यहां आयोजित हो रहा ये कृषि विज्ञान सम्मेलन उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे देश के कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और अधिक समृद्ध करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने इस सम्मेलन में आए किसानों से आह्वान किया कि यहां लगाए गए विभिन्न स्टॉलों को देखने के साथ-साथ इस सम्मेलन के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि में नवाचार, डिजिटल कृषि, जलवायु परिवर्तन और स्मार्ट पशुधन पालन जैसे विभिन्न विषयों पर आयोजित होने वाली पैनल चर्चाओं एवं सेमिनार में भी अवश्य प्रतिभाग करें। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन से नई-नई तकनीकों के साथ-साथ कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र के प्रति एक नया विजन सामने आयेगा।
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एम एस चौहान ने सम्मेलन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सम्मेलन में 16 देशों के वैज्ञानिक इस कृषि महाकुम्भ में प्रतिभाग कर रहे हैं, साथ ही 500 से अधिक प्रगतिशील कृषक भी प्रतिभाग कर रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग व प्रेरणा से इस कृषि सम्मेलन का आयोजन संभव हो पाया है।
इस दौरान मेयर विकास शर्मा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जामंत्री अनिल कपूर डब्बू, आईजी डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकान्त मिश्रा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक और कृषक उपस्थित रहे।

खटीमा के चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की सीएम ने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने 38वें राष्ट्रीय खेल में वन चेतना केन्द्र, स्पोर्ट्स स्टेडियम, चकरपुर, खटीमा में मलखंब प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में बॉक्सिंग छात्रावास बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत मलखंब प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर देश के कोने-कोने से पधारे सभी प्रतिभागियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि चकरपुर के इस नवनिर्मित स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत आयोजित इस मलखंभ प्रतियोगिता में सभी के बीच उपस्थित होकर उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हमारे प्रदेश में हो रहा है। इस आयोजन से न केवल हमारे खिलाड़ियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाने का अवसर मिल रहा है, बल्कि प्रदेश का स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी मज़बूत हुआ है। इसी क्रम में चकरपुर के इस स्टेडियम को 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से युक्त किया गया है, जो हमारे युवाओं को विभिन्न खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगा। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने अब तक 19 स्वर्ण पदकों के साथ पहली बार 81 मेडल लाने में सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेल बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल विजेता कपिल पोखरिया , वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक विजेता विवेक पांडे,रजत पदक विजेता अमन, फुटबॉल में रजत पदक विजेता अजय बिष्ट व बीच हैंडबॉल में रजत पदक विजेता अमन जोशी को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत के पारंपरिक खेलों को न केवल सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है, बल्कि उन्हें वैश्विक पहचान भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2036 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए भेजे गए प्रस्ताव में हमारे पारंपरिक खेलों जैसे कबड्डी, खो-खो और योग आदि को ओलंपिक में शामिल करने के प्रयास भी किए हैं। उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में पहली बार योग और मलखंभ जैसे हमारे पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। मलखंब केवल एक खेल नहीं, बल्कि शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता, संतुलन और आत्मसंयम का अद्भुत संगम है, ये हमारे भारत की एक ऐसी प्राचीन विरासत है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है। मलखंब योग, कुश्ती और जिम्नास्टिक का एक ऐसा अद्भुत मिश्रण है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को साधने की अद्वितीय क्षमता है, यही कारण है कि आधुनिक खेलों के बीच भी इसकी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि कई खिलाड़ी आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और मलखंभ की हमारी इस प्राचीन विरासत को विश्व स्तर पर ले जाने वाले सारथी बनेंगे।

इस अवसर पर मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खटीमा रमेश चन्द्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी, सचिव राज्य ओलम्पिक एसोसिएशन डॉ डी के सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी जानकी कार्की सहित अनेक खिलाड़ी व खेलप्रेमी मौजूद थे।

हल्द्वानी की सड़कों पर पैदल चले सीएम धामी, सौंदर्यीकरण की सराहना की

हल्द्वानी में स्मार्ट सिटी के तर्ज पर सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया है। साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण स्थानीय कुमाऊनी संस्कृति में भित्तिचित्र बनाकर सजाया जा रहा है। हल्द्वानी भ्रमण पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नैनीताल रोड काठगोदाम से नरीमन चौराहे तक पैदल चल कर सड़क का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने बनाए गए भित्तिचित्र व पेंटिंग को देखा व किए गए सौंदर्यीकरण की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं भी पेंटिंग की। जिलाधिकारी वंदना ने अवगत कराया कि कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्र का प्रवेश द्वार होने के कारण यहॉं से बड़ी संख्या में आम लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। जिससे जाम की स्थिति रहती थी। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण को हटाते हुए सड़क को 9 मीटर से 24 मीटर चौड़ा कर इस क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी कर दिया गया है। जिससे पर्यटक कुमाऊं की संस्कृति से लेकर पर्यटन,वाइल्डलाइफ यहॉं के रहन सहन से रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान हल्द्वानी में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कुमार डब्बू, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी डॉ योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा, नगर आयुक्त ऋचा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवस में राज्य की “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” पर आधारित झांकी के लिये मिला तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिये पुरस्कृत किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने यह पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार उत्तराखण्ड की ओर से सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी और झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक श्री के.एस चौहान ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” थीम पर यह झांकी तैयार की गई थी। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ हिलाकर उत्तराखण्ड की झांकी का अभिवादन किया था।

इस वर्ष उत्तराखण्ड के लिए गणतंत्र दिवस उपलब्धियों भरा रहा है। भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रतियोगिता कराई जाती है। जिसमें एक दल को केवल साढ़े तीन मिनट का समय दिया जाता है। निर्धारित समय मे अपने राज्य की लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करने होते हैं। जिसमें, उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों ने प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली प्रतियोगिता की प्रस्तुत दी गई। जिसको गठित समिति ने पुरस्कार के लिए चयनित किया।

इस प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली में उत्तराखण्ड राज्य की लोक संस्कृति की झलक को समिति द्वारा बहुत पसंद किया गया। जिसके कारण उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार प्राप्त हो सका। इसके बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में ‘सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल’ पर आधारित उत्तराखण्ड की झांकी को भी लोगों की पसंद के आधार पर देश में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

राज्य गठन के बाद से गणतंत्र दिवस समारोह में अब तक उत्तराखण्ड को तीन पुरस्कार मिले हैं जिनमें वर्ष 2021 में केदारखण्ड झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, वर्ष 2023 में मानसखण्ड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और वर्ष 2025 में सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में लगातार दूसरी बार उत्तराखण्ड राज्य की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया। झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश-विदेश के लोग “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” के साथ ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से भी परिचित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों, सूचना विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, झांकी बनाने वाले कलाकारों और झांकी में सम्मिलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की झांकी ने कर्तव्य पथ पर सभी का ध्यान आकर्षित किया और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व साहसिक खेलों को बखूबी रूप से प्रस्तुत भी किया। राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद यात्रा के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्य किये जा रहे हैं। कर्तव्य पथ पर निकली उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी ध्यानाकर्षित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ हिलाकर उत्तराखण्ड की झांकी का अभिवादन किया। इसके अतिरिक्त अन्य गणमान्य लोगों ने इस दौरान उत्तराखण्ड की झांकी का करतल ध्वनि से स्वागत किया।

इस वर्ष कर्तव्य पथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” की झांकी प्रदर्शित की गई थी। 16 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया।

झांकी में इन कलाकारों ने निभाई थी अहम भूमिका

टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के.एस चौहान के साथ चम्पावत जनपद के 15 कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कलाकारों में सुरेश राजन, तरुण कुमार, राजेश कुमार, रवीन्द्र कुमार, अभिषेक पाण्डेय, अमन विश्वकर्मा, शुभम बेरी, रेखा पूना, कमला पन्त, चन्द्रदीप राजन, प्रियंका आर्या साही, अंजलि आर्या, रश्मि पन्त, निकिता आर्या, साक्षी बोहरा ने भूमिका निभाई।

झांकी के थीम सांग में इनका रहा अहम योगदान

झांकी का थीम सांग “झुमैलो“ था। “झुमैलो“ गीत को उत्तराखण्ड के उभरते हुए गायक अभिनव चौहान ने स्वर दिया है। इस गीत को जितेन्द्र पंवार द्वारा लिखा गया है और अमित वी. कपूर ने संगीत देकर तैयार किया।

झांकी में ऐपण कला का प्रदर्शन

झांकी के अग्र भाग में जो विशाल ऐपण कला प्रदर्शित की गई उसे चम्पावत जनपद के हस्त कलाकार निकिता, अंजलि, जाने-माने पार्श्व गायक पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन और योगेश कालोनी ने हाथों से बनाया। उत्तराखण्ड राज्य की झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवर्टाइजिंग प्रा.लि.के निदेशक श्री सिद्धेश्वर कानूगा द्वारा किया जा गया।

बैठक में सचिव राधिका झा, चन्द्रेश कुमार, उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा. एस एस नेगी सहित ग्राम्य विकास, शिक्षा, सहकारिता, पर्यटन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

चुनाव प्रचार में धाकड़ धामी की धमक से पस्त हुई कांग्रेस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बार निकाय चुनाव प्रचार में फ्रंट फुट पर खेलते नजर हुए नजर आए। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक शायद ही कोई एक ऐसी जगह हो जहां मुख्यमंत्री धामी नहीं पहुंचे और यकीन मानिए जहां पुष्कर धामी पहुंचे वहां जनता का ऐसा हुजूम उमड़ा की विरोधियों के पसीने छूट गए।

निकाय चुनावों की कमान पुष्कर धामी ने जैसे ही अपने हाथ में ली तो भाजपा के विजय रथ को नई रफ़्तार मिल गई। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को संगठन द्वारा स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी मिलते ही हर जगह से उनकी डिमांड बढ़ने लगी और मुख्यमंत्री धामी ने केवल 12 दिनों में ताबड़तोड़ 52 चुनावी कार्यक्रम किए। निकाय चुनावों में पुष्कर धामी के इस विजय अभियान ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी। विधानसभा चुनाव के जैसे ही पुष्कर सिंह धामी ओपनर बैट्समैन की तरह विपक्षियों को ऐसे धोते हुए नजर आए कि कांग्रेस इस बार भी उनका कोई तोड़ नहीं निकाल पाई।

पुष्कर सिंह धामी ने मुखर होकर जनता के बीच अपनी सरकार के कार्यों को रखा। इतना ही नहीं उन्होंने लैंड जिहाद, थूक जिहाद और समान नागरिक संहिता जैसे विषयों को भी जनता के बीच प्रभावशाली बनाया। कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं को भी अनेक ऐसे मुद्दों पर ऐसे घेरा कि उनकी स्थिति दयनीय हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर कड़े तेवर दिखाते हुए कांग्रेसी वादों और नीतियों की पोल खोली। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार, विकास कार्यों की अनदेखी और जनकल्याण के प्रति असंवेदनशीलता को जनता के सामने रखा।

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के नेताओं पर यह आरोप भी लगाया कि वे सिर्फ वोटबैंक, तुष्टिकरण और सनातन के विरोध की राजनीति करते रहे हैं और कभी भी राज्य की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से काम नहीं किया। इस तरह मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के विरोधियों को हर मोर्चे पर जवाब देते हुए चुनावी मैदान में अपनी पार्टी को मजबूत किया और चुनावी माहौल को पूरी तरह से अपने पक्ष में कर लिया।

अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत निकाय चुनाव में कमल खिला पाती है या नहीं ? कयास लगाए जा रहे हैं जिस तरह से सीएम धामी ने कार्यकर्ताओं और पार्टी को एकजुट करते हुए चुनाव को एकतरफा बनाया है उससे तो 25 जनवरी के दिन भाजपा मुख्यालय में मिठाई बंटनी तय है।