मैडम रजनी रावत बनीं समाज कल्याण योजनाएं मामले की उपाध्यक्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनहित में विभिन्न महानुभावों को विभागीय दायित्व सौंपे गये है। सौंपे गये विभागीय दायित्वों से प्रदेश में विभागीय जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी तथा उनके प्रभावी अनुश्रवण में भी मदद मिलेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन महानुभावों को दायित्व सौंपे गये हैं उनमें हरक सिंह नेगी जनपद चमोली को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, ऐर्श्वया रावत रूद्रप्रयाग को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग, गंगा विष्ट जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, श्याम अग्रवाल जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड आवास सलाहकार परिषद, शांति मेहरा जनपद नैनीताल को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, भगवत प्रसाद मकवाना जनपद देहरादून को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी आयोग, हेमराज विष्ट जनपद पिथौरागढ को उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, रामचंन्द्र गौड जनपद चमोली को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, पूरन चंद नैलवाल जनपद अल्मोडा को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखण्ड परिषद, रामसुन्दर नौटियाल जनपद उत्तरकाशी उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, सायरा बानो जनपद ऊधम सिंह नगर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग, रेनू अधिकारी जनपद नैनीताल को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, रजनी रावत जनपद देहरादून उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, ओम प्रकाश जमदग्नि जनपद हरिद्वार उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, भूपेश उपाध्याय जनपद बागेश्वर उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद परिषद, कुलदीप कुमार जनपद देहरादून अध्यक्ष उत्तराखण्ड वन पंचायत सलाहकार परिषद, ऋषि कण्डवाल जनपद पौडी उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, वीरेन्द्र दत्त सेमवाल जनपद टिहरी उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, अजय कोठियाल जनपद टिहरी अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, श्याम नारायण पाण्डे जनपद नैनीताल उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।

बजट प्रावधान के अनुरूप राजस्व बढ़ाएं विभागः आनंद बर्द्वन

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद आज सचिवालय में आयोजित अपनी पहली सचिव समिति की बैठक में सभी विभागों को बजट प्रावधान के अनुरूप राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने पूंजीगत मद पर व्यय बढ़ाने के लिए प्रयास के साथ विभागों को अपनी वार्षिक कार्य योजना पहले से ही तैयार करने तथा प्रत्येक माह का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वार्षिक कार्ययोजना में भौतिक एवं वित्तीय, आउटकम एवं आउटपुट सम्बन्धित सूचनाएं समाहित करें। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्यय, लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभाग आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्ताव पहले से तैयार रखे। उनके द्वारा विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं के अन्तर्गत स्वीकृत किये जाने वाले अवस्थापना विकास से सम्बन्धित परियोजनाओं का चिन्हांकन कर ैीमस िव िच्तवरमबजे तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

व्यय वित्त समिति (ईएफसी) गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से किये जाने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने विभागों अपने प्रस्ताव गति शक्ति पोर्टल पर निरन्तर अपडेट करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव के निर्देश पर परियोजनाओं के गठन से लेकर उसके कार्यान्वयन तक सभी ।बजपअपजपमे गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से किये जाएगें। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रस्ताव मा0 मंत्रिमंडल में प्रस्तुत करने से पूर्व पूरी तरह से तैयार करने के साथ ही ससमय भेजे जाए। इसके साथ ही सीएस ने निर्देश दिए हैं कि लैण्ड बैंक ससमय तैयार रखा जाए ताकि प्रस्तावों पर अविलंब कार्य प्रारम्भ किया जा सके।

चारधाम यात्रा मार्ग की पुख्ता व्यवस्थाओं को लेकर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि आगामी यात्रा सीजन के दृष्टिगत सभी विभागों को अभी से अपनी तैयारियां समयबद्धता से पूरी करनी हैं। उन्होंने यात्रा मार्ग पर सभी जरूरतों का अभी से आंकलन करते हुए सभी व्यवस्थाएं यात्रा आरम्भ से पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। सचिव श्री युगल किशोर पंत को देहरादून से केदारनाथ, सचिव डा0 आर राजेश कुमार को बद्रीनाथ यात्रा मार्ग, सचिव डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम को गंगोत्री धाम तथा डॉ नीरज खैरवाल को यमुनोत्री धाम की जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक में सभी प्रमुख सचिव एवं सचिव मौजूद रहे।

पीएम ने पत्र लिखकर धामी को कर्मठ और ऊर्जावान बताते हुए कहा ये तीन साल राज्य के उत्थान में बड़ी उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के तीन साल के सफल कार्यकाल पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

अपने बधाई संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि उत्तराखंड के कर्मठ और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के ये तीन वर्ष सेवा, सुशासन और विकास के रूप में समर्पित रहे हैं, जो राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। आज से 25 वर्ष पूर्व जिस विकास और पहचान को स्थापित करने के लिए उत्तराखंड का गठन हुआ था, आज राज्य उस दिशा में तेजी से अग्रसर है।

इसके लिए एक ठोस कार्य योजना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, परिवहन एवं पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

उत्तराखंड का दशक साबित होगा

प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड अपने आप में असीम संभावनाओं को समेटे हुए है। यहां की पराक्रमी और परिश्रमी जनता में वह सामर्थ्य है कि वे अपने प्रयासों से राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक लेकर जा सकें। मुझे पूरा विश्वास है कि जनशक्ति से यह दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ेगा। इस नई पहचान के साथ उत्तराखंड आजादी के अमृत काल में विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

ष्प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हमेशा उत्तराखंड के हितों के लिए चिंतनशील रहते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के नए आयाम छू रहा है। प्रधानमंत्री का यह संदेश हमें और भी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

वन विभाग के गेस्ट हाउस के आधुनिकीकरण पर दिया जाए विशेष ध्यानः सीएम

वनों के संरक्षण के साथ वन सम्पदाओं से राजस्व वृद्धि के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। वन विभाग के गेस्ट हाउस के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। जड़ी-बूटियों, कृषिकरण तथा विपणन के क्षेत्र में कार्य के लिए और अधिक संभवनाएं तलाशी जाए। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए कारगर उपाय किए जाएं। वनाग्नि प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण एवं ईको -टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में वन विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन सम्पदाओं का बेहतर उपयोग के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजागार को बढ़ावा दिया जाए। ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ रणनीति बनाई जाए, ताकि वनाग्नि से होने वाले नुकसान से बचा जा सके। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे प्रयास केवल कागजों तक सीमित न रहे, धरातल पर दिखाई दें। मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन किया जाए और राज्य में इसके लिए बेहतर कार्य योजना बनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि इको टूरिज्म के अंतर्गत इको कैंपिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, पुराने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के रिस्टोर, स्थानीय युवाओं को विभिन्न गतिविधियों जैसे नेचर गाइड का प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इको टूरिज्म के लिए समर्पित एक वेबसाइट बनाई जाएगी। अभी तक विभिन्न क्षेत्रों में संचालित इको टूरिज्म क्षेत्र से स्थानीय युवाओं को लगभग रुपए 5 करोड़, जिप्सी संचालन से 17 करोड़ और स्वयं सहायता समूह को 30 लाख की आय सृजित हुई है।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की मुख्य अवधारणा में ऊर्जा और पर्यटन प्रदेश था। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं, लेकिन ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाओं पर कार्य करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की क्षमताओं के हिसाब से कार्य करने की जरूरत है। शहरी क्षेत्रों में पावर लाइन के अंडरग्राउडिंग का कार्य वर्षाकाल शुरू होने से पहले पूर्ण किया जाए। सरकारी भवनों में सोलर रूफ टॉप से आच्छादित करने का कार्य जल्द पूर्ण किया जाए। यूजेवीएनएल, यूपीसीएल की जो परिसम्पतियां उपयोग में नहीं हैं, उनको उपयोग में लाने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई जाए। नवीकरणीय ऊर्जा संवर्धन योजना, विद्युत वितरण सुधार योजना और स्मार्ट मीटर की योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

बैठक में जानकारी दी गई कि 2023 में संशोधित जल विद्युत नीति के अनुसार वन टाइम एमनेस्टी के तहत कुल 160.80 मेगावाट के 8 प्रॉजेक्ट को मंजूरी दी गई हैं। ये प्रॉजेक्ट 2030 तक 1790 करोड़ की लागत से पूरे होंगे। इसके साथ ही 121 मेगावाट के 6 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इस नीति से क्षेत्र का सामाजिक आर्थिक विकास होगा। यूजीवीएनएल 2028 से 03 पंप स्टोरेज का कार्य शुरू कर 2031 में पूरा करेगा। लगभग 5660 करोड़ की लागत इन तीनों पंप स्टोरेज में इच्छारी, लखवार-व्यासी और व्यासी-कटापत्थर प्रोजेक्ट शामिल हैं।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, अपर सचिव रंजना राजगुरु, उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार, पिटकुल के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने सात दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का किया शुभारंभ, पांच से खेल सामग्री देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित इंटर क्रिकेट टूर्नामेंट में क्रिकेट खेलकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब में खेल सामग्री के लिए रुपए पांच लाख की घोषणा भी की। यह टूर्नामेंट महाराणा स्पोर्ट्स कॉलेज में सात दिन (एक अप्रैल से सात अप्रैल) तक चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमूमन पत्रकार साथी खेलों की रिर्पाेटिंग कर खबर बनाते है। इस तरह के आयोजन से उन्हें खेल मैदान में जहां अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलेगा, वहीं खेलों से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीएम मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट की सराहना करते हुए आमजन को अपनी दिनचर्या में खेल गतिविधि को शामिल करने की भी बात कही। कहा कि आज भागदौड़ के जीवन में जरूरी है कि व्यक्ति खेलों से जुड़कर मानसिक तनाव से दूर रहे और स्वस्थ रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के हित में निरंतर प्रयासरत है। खिलाड़ियों को अधिकतम खेल सुविधाओं को देने की कोशिश जारी है। इससे आने वाले दिनों में राज्य के खिलाड़ी नेशनल गेम्स की तरह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक लाकर राज्य का नाम रोशन करेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय गेम्स में राज्य के नाम 103 पदक रहे, यह सरकार की सफल खेल नीतियों का ही परिणाम है।

क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिंह, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, खिलाड़ी, क्लब के मेंबर, सहित खेल कार्यकारणी के सदस्य और दर्शक मौजूद रहे।

उत्तराखंडः हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले के कई स्थानों के नाम होंगे परिवर्तन

मुख्यमंत्री धामी द्वारा आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है। जिससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सके।

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार,

हरिद्वार जनपद में औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया जाना है।

देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया जाएगा।

जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया जाएगा।

उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किये जाने की घोषणा की गई है।

मिलावटी आटा खाकर बीमार प्रकरण में सीएम ने सख्त, मुख्य सप्लायर और दुकानदारों पर केस दर्ज

नवरात्र के दौरान देहरादून में कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से 100 से भी अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित हुए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देशों के बाद खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने राज्य के सीमावर्ती इलाकों के साथ देहरादून और आसपास के इलाकों में दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों में ताबड़तोड़ छापेमारी चलाया गया। जिसमें एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराये गये हैं।

कुट्टू का आटा सप्लायर का गोदाम सील, केस दर्ज
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा आज सुबह सूचना मिली कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और कोरोनेशन अस्पताल में मरीज भर्ती किए गए हैं। मरीजों के परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि इन सभी ने कुट्टू के आटे से बनी सामग्री का सेवन किया था, जिसके बाद उन्हें फूड पॉइजनिंग के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे। जांच के दौरान पाया कि मरीजों के परिवारों ने अलग-अलग दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था, लेकिन सभी आटे का स्रोत सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) और विकासनगर (देहरादून) से जुड़ा हुआ था।

मुख्य सप्लायर और जिम्मेदार दुकानदारों की पहचान
जांच में सामने आया कि कुट्टू के आटे की आपूर्ति निम्नलिखित प्रतिष्ठानों द्वारा की गई थी:
1. मेसर्स गोविंद सहाय शंकर लाल – यह प्रतिष्ठान सहारनपुर (उ.प्र.) से कुट्टू का आटा सप्लाई कर रहा था।
2. विकास गोयल चक्की – यह चक्की मोग्गंज जामा मस्जिद के पास, थाना कोतवाली शहर, सहारनपुर (उ.प्र.) में स्थित है, जहां कुट्टू का आटा पिसा गया था।
3. Laxmi Trading, Sangam Vihar, Bhojwala Road, Vikasnagar, Dehradun – यह प्रतिष्ठान देहरादून में कुट्टू के आटे का मुख्य वितरक था। इसका गोदाम मेट्याला अकबरी मस्जिद, देहरादून के पास स्थित है।

मुख्य संचालक :
शीशपाल चीतान पुत्र शोभा राम–Laxmi Trading, विकासनगर, देहरादून

खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि FSSAI (भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण) के निर्देशों और गाइडलाइन्स के विपरीत इन प्रतिष्ठानों ने मिलावटी कुट्टू का आटा सप्लाई किया था, जिससे 84 लोगों की जान जोखिम में पड़ गई।

एफआईआर दर्ज, सैंपल लिए गए और गोदाम सील

घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई की:
मुख्य सप्लायर Laxmi Trading के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
गोदाम को सील कर दिया गया।
संदिग्ध कुट्टू के आटे के नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया।
सहारनपुर स्थित चक्की और दुकान की भी जांच की जा रही है।
आगामी दिनों में अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।

यूपी के फूड कमिश्नर को पत्र
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य विभाग लगातार तीन महीने वस्तुओं के सैंपल ले रहा था और छापेमारी अभियान भी चला रहा था। इस संबंध में यूपी के फूड कमिश्नर को भी 15 दिन पहले एक पत्र लिखा था कि मिलावटखोरों पर कार्रवाई करें क्योंकि अधिकांश मिलावटी उत्पाद यूपी से उत्तराखंड आते हैं।

टोल फ्री नंबर 1800-180-4246 पर दर्ज कराएं शिकायत
खाद्य आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि जिला अभिहीत अधिकारी मनीेष सिंह की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि खुले या संदिग्ध कुट्टू के आटे का सेवन न करें। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर ही खरीदारी करें। कुट्टू का आटा खरीदते समय प्रमाणित दुकानों से ही खरीदें। यदि किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद अस्वस्थ महसूस करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मिलावटी आटे की जानकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर दें।

24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी
स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) डॉ. आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल का दौरा किया और मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने फूड पॉइजनिंग से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और चिकित्सकों को बेहतर इलाज और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक रूप से मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और अगले 24 घंटे में अधिकांश मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया पदभार ग्रहण

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पदभार सौंपा। इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि सरकार की नीतियों का राज्य के विकास में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आजीविका, रोजगार, कौशल विकास व रिवर्स माइग्रेशन भी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

आजीविका के नए-नए अवसरो पर काम करना तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण तथा राज्य का स्वास्थ्य क्षेत्र भी एक बड़ी चुनौती है। हमें शहरों को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य करना होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण भी एक बड़ा मुद्दा है, जल संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है। इन मुख्य मुद्दों पर आम नागरिक के हित में धरातल पर प्रभावी कार्य करने की जरूरत है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हमें नए संसाधनों की खोज तथा वर्तमान संसाधनों को बढ़ाने पर निरंतर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर सचिवालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

सीएम ने बरेली के इन्वर्टिस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरेली के इन्वर्टिस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू किये जाने पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय द्वारा सम्मान एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में यूसीसी की ऐतिहासिक पहल को साकार करने में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का महत्वपूर्ण योगदान है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान और न्यायसंगत कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यूसीसी के लागू होने से राज्य के नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होने के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। अब किसी भी महिला को उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कानून लाखों महिलाओं के अधिकारों का एक सशक्त सुरक्षा कवच है, जो वर्षों से समानता की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। इसमें किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोगों द्वारा यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन को लेकर कई प्रकार के भ्रम फैलाने का प्रयास किये जा रहे हैं। इसके पीछे मंतव्य हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इन संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों के अधिकारों एवं भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली यूसीसी की गंगा देश में एक नई चेतना जागृत करने का कार्य करेगी। यूसीसी की समरस धारा देश के दूसरे राज्यों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में जनहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। कश्मीर से धारा 370 का अंत, तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना, नागरिकता संशोधन कानून लागू करना और फिर अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया।

इस अवसर पर सांसद क्षत्रपाल गंगवार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरूण कुमार, दर्जा मंत्री उत्तराखण्ड विनय रूहेला, महापौर बरेली डॉ. उमेश गौतम, विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, डॉ. श्याम बिहारी लाल, डी. सी. वर्मा, डॉ. एम. पी. आर्या, अशोक कट्टारिया, डीन डॉ. राजेश शर्मा, कार्यकारी निदेशक पार्थ गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

परिवहन विभाग में नियुक्त आठ अभ्यर्थियों को मिला सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परिवहन विभाग के अन्तर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त 08 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार करेंगे और परिवहन विभाग में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में परिवहन के क्षेत्र में बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाहनों की फिटनेस जाँच, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के पालन कराने और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में सम्भागीय निरीक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस से संबंधित कार्यों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रीना जोशी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।